स्नेह

 अचानक से आंख खुली तो नज़र सीधे दीवार पर लगी हुई घड़ी पर जाकर  टिकी | बाप रे ! सुबह का 9:30 बज रहा था, बगल में देखा तो भतीजी भी सोई पड़ी थी  | रोजाना तो  भैया  सुबह 7:30 बजे ही उसे उठा दिया करते थे |फिर आज अभी तक क्यों सोई पड़ी है? सहसा मस्तिष्क में ख्याल आया   कि कहीं इसलिए तो नहीं कि मेरी नींद में खलल ना पड़े, क्योंकि आज मेरा मायके में आखिरी दिन है  |कल तो मुझे ससुराल चले जाना है और वहां की जीवन शैली के अनुरूप ही अपनी दिनचर्या सुनिश्चित करनी है |यह एक भाई का स्नेह ही है जो जताया नहीं जा सकता है, सिर्फ एक बहन के द्वारा महसूस ही किया जा सकता है|

Comments

  1. अतिमार्मिक 🙏

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  2. Very touching mam... Har shadi shuda ladki ki kahaaniyaan.

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  3. Emotional its surprising ! Keep it up ma'am

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  4. बहुत ही प्रभावशील एवं मार्मिक लेखन है! मेम! मेरा शुभकामनाएं आपके साथ है, कि आप अपने ऐसे शक्तिशाली और प्रभावशाली विचारों एवं लेखन से दुनिया को बदल देंगे!

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  5. Nice line ma'am 🙏🙏🙏🙏🙏🙏

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  6. Heart touching line 💓💓 ma,am

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  7. Excellent 💯 very good 👍 keep it up 👏

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